ये क्या बोल गए सीएम सम्राट चौधरी? कोसी-गंगा को बांधने का किया ऐलान, किसानों के लिए भी कर दिया बड़ा फैसला
पटना में 'सेवा स्मरण' कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने बाढ़ से निपटने के लिए कोसी और गंगा को बांधने की योजना बताई। उन्होंने कृषि फीडरों को सोलर करने का फैसला भी साझा किया
पटना, 2 अक्टूबर 2026: महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर पटना में आयोजित 'सेवा स्मरण' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लंबा संबोधन दिया। उन्होंने बिहार में आई बाढ़, नदियों के प्रबंधन, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, सड़कों, शिक्षा और किसानों के लिए सौर ऊर्जा के फैसले पर विस्तार से बात की।
कार्यक्रम का विषय था "25 वर्षों में बिहार और भारत कैसे बदला"। मंच पर संगीतमय और नाट्य प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्हें उन्होंने बदलाव का प्रतीक बताया।
सिंचाई, सौर ऊर्जा और किसानों के लिए बड़ा फैसला
सिंचाई: मुख्यमंत्री के अनुसार बिहार में सिंचाई क्षमता 2005 में 21 लाख हेक्टेयर थी, जो अब 44 लाख हेक्टेयर हो गई है। अगले 5 साल में इसे 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
सोलर फीडर का फैसला: यह भाषण का सबसे अहम फैसला रहा।
- किसानों को बिजली सब्सिडी देने में सरकार को ₹5,500 करोड़ खर्च करने पड़ते थे।
- पिछली कैबिनेट में तय हुआ कि ₹700 करोड़ खर्च करके सभी कृषि फीडरों को पूरी तरह सोलर किया जाएगा।
- इससे किसानों को बिना कटौती सीधे सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी।
- सरकार को हर साल करीब ₹5,000 करोड़ की बचत होगी।
उन्होंने सौर ऊर्जा की कीमत पर भी बात की। उनके अनुसार जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और सौर ऊर्जा की शुरुआत हुई, तब बिजली ₹16 प्रति यूनिट खरीदनी पड़ती थी। आज वही बिजली ढाई-तीन रुपये में उपलब्ध है।
बाढ़ पर क्या बोले सम्राट चौधरी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने से वे लगातार हालात देख रहे हैं और बिहार को अक्सर दूसरे राज्यों और देशों से आने वाले पानी की मार झेलनी पड़ती है। उनके अनुसार इस बार तीन नदियां उफान पर रहीं: सोन, गंडक और गंगा।
उन्होंने भाषण में ये बातें रखीं:
- सोन नदी: झारखंड के साथ सोन नदी का समझौता 25 साल से सहमति में नहीं बदल पा रहा था। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई बैठक के बाद यह समझौता हो सका।
- पानी की मात्रा: उन्होंने बताया कि सोन से करीब 11 लाख (क्यूसेक) पानी आया और सीधे गंगा में चला गया। नेपाल से लगभग 8.5 लाख क्यूसेक पानी आया।
- मौजूदा स्थिति: छपरा और हाजीपुर में स्थिति अब भी गंभीर है। उन्हें उम्मीद है कि अगले 24 घंटे में हालात संभल जाएंगे।
- राहत कार्य: केंद्र सरकार का सहयोग लिया गया। वायुसेना के हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई गई और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गईं।
- प्रभावित आबादी: उन्होंने कहा कि तीनों नदियों का उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) इस बार बहुत ऊपर गया और करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए।
कोसी और गंगा को बांधने की योजना
सबसे बड़ा ऐलान बाढ़ नियंत्रण को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते नीतीश कुमार, गृह मंत्री अमित शाह और जल संसाधन मंत्री सी.आर. पाटिल से बातचीत के बाद योजना तय हुई है।
- एनडीए सरकार सबसे पहले कोसी नदी को बांधने का काम शुरू करेगी।
- इसके बाद गंगा नदी के फैलाव (स्पैन) को बांधने का काम होगा।
- उन्होंने कहा कि बक्सर में गंगा का स्पैन करीब 6 किलोमीटर और भागलपुर-कटिहार में करीब 31 किलोमीटर है।
फरक्का बराज और बांग्लादेश जल समझौते पर मांग
सम्राट चौधरी ने फरक्का बराज के गेट खुलवाने में मदद के लिए गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के शुभेंदु अधिकारी का धन्यवाद किया। उनके मुताबिक एक फोन पर गेट खुलवाए गए, जिससे बाढ़ की त्रासदी कम हुई। उन्होंने बताया कि इस दौरान करीब 17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि भविष्य में बांग्लादेश के साथ कोई भी जल समझौता हो, तो उसमें बिहार की आपत्ति शामिल की जाए। मांग यह है कि जुलाई से अक्टूबर तक चार महीने बिहार को पानी इस्तेमाल करने का अधिकार मिले, ताकि बक्सर से मिलने वाले पानी का उपयोग पेयजल, सिंचाई और उद्योग के लिए हो सके।
केंद्र की योजनाओं पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की योजनाओं पर रखा। उनके दावे इस प्रकार थे:
- शौचालय: करोड़ों लोगों के लिए शौचालय की चिंता मोदी सरकार ने की।
- पक्का मकान: उनके अनुसार पिछले 12 साल में करीब 5 करोड़ लोगों को पक्का मकान दिया गया।
- मुफ्त अनाज: बिहार में करीब 10 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज मिलने की बात उन्होंने कही।
- उज्ज्वला और आयुष्मान भारत: महिलाओं को रसोई गैस और स्वास्थ्य बीमा से जोड़ने का दावा किया।
उन्होंने विपक्ष के "वोट चोरी" और "लोकतंत्र खतरे में है" जैसे आरोपों पर कहा कि जनता को न्याय देने वाली सरकार को चुनाव में हराना आसान नहीं है। यह बयान उनका राजनीतिक पक्ष है, जिस पर विपक्ष की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
बजट का सफर: 6,000 करोड़ से 3 लाख करोड़ तक
सम्राट चौधरी ने बिहार के बजट का इतिहास बताया:
- संयुक्त बिहार (झारखंड सहित): बिहार का बजट करीब 6,000 करोड़ रुपये तक था।
- 2005: नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और सुशील मोदी उपमुख्यमंत्री बने, तब बजट करीब 23,000 करोड़ रुपये का था। उन्होंने कहा कि इसमें से 16,000 करोड़ रुपये BRGF के तहत अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय मिले थे।
- आज: बिहार के पास 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि 3,47,000 करोड़ के बजट में राज्य का अपना राजस्व करीब 70,000 करोड़ रुपये है और बाकी केंद्र से आता है।
उन्होंने झारखंड बंटवारे के बाद का एक किस्सा भी सुनाया। उनके अनुसार तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने गांधी मैदान में अटल जी से कहा था कि खनिज और उद्योग झारखंड चले गए हैं। इसके बाद अटल जी ने हर साल बिहार को 1,000 करोड़ रुपये देने का फैसला किया था।
मुख्यमंत्री ने खुद का परिचय भी दिया कि वे पार्टी अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और बिहार के वित्त मंत्री रह चुके हैं। बजट पेश करते समय उन्हें नीतीश कुमार और सुशील मोदी की याद आई।
सड़कें और एक्सप्रेसवे
- बिहार में पहले करीब 8,000 किलोमीटर सड़कें थीं।
- उनके मुताबिक अब एनडीए सरकार ने 1.5 लाख किलोमीटर सड़कें बनाई हैं।
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी, पटना-पूर्णिया और हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है।
पूरा वीडियो देखें: https://www.youtube.com/watch?v=VrmJVg5olOg
शिक्षा और फिल्म नीति
- मॉडल स्कूल: बिहार के सभी ब्लॉकों में 700 'सरस्वती विद्या निकेतन' जैसे मॉडल स्कूल बनाए गए हैं। इनमें करीब 3 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रात 11 से 1 बजे तक भी ऑनलाइन शिक्षक मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहते हैं।
- डिग्री कॉलेज: उनके अनुसार आजादी के बाद के 80 वर्षों में केवल 272 डिग्री कॉलेज थे। 15 जुलाई को एक ही दिन में 21 नए डिग्री कॉलेज खोले गए।
- असिस्टेंट प्रोफेसर: करीब ढाई हजार नए असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली हुई, जिनमें कई दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू जैसे संस्थानों से बिहार लौटे।
- फिल्म नीति: बिहार में फिल्म बनाने वालों को 2 से 3 करोड़ रुपये तक का सहयोग दिया जा रहा है, ताकि राज्य की सकारात्मक छवि सामने आए।
- जीएसटी: उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से बिहार जैसे उपभोग वाले राज्यों को फायदा हुआ।
बापू और शास्त्री जी को श्रद्धांजलि
भाषण के बीच में उन्होंने कहा कि आज महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जा रही है। उनके अनुसार बापू के आदर्शों पर चलकर लोकतंत्र को आगे बढ़ाने का काम अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर नरेंद्र मोदी तक हुआ है।
समापन में उन्होंने सेवा संकल्प अभियान में आए सभी लोगों का धन्यवाद किया और गांधी जी व शास्त्री जी के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
No comments yet. Be the first to share your thoughts!