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सीएम बनने के बाद सिर्फ 5 महीनों में सम्राट चौधरी ने बदल दी बिहार की तस्वीर
बिहार की राजनीति में 15 अप्रैल 2026 का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया, जब सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मुख्यमंत्री बनने वाले वे बिहार के पहले नेता हैं। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से लेकर अब तक के अपने कार्यकाल में सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार के लगभग हर क्षेत्र में तेज गति से काम करते हुए कई बड़े और महत्वाकांक्षी फैसले लिए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, बुनियादी ढांचे, पर्यटन और सुशासन — हर मोर्चे पर सरकार की सक्रियता साफ नजर आई है। आइए विस्तार से जानते हैं इस दौरान लिए गए प्रमुख फैसलों के बारे में। (स्पष्टीकरण: सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को पदभार ग्रहण किया था, इसलिए उनके कार्यकाल को अभी करीब साढ़े पांच महीने हो चुके हैं। सटीकता बनाए रखने के लिए लेख में यही अवधि दर्शाई गई है।) शिक्षा के क्षेत्र में तेज रफ्तार से काम पदभार संभालने के कुछ ही महीनों के भीतर सम्राट चौधरी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक ही दिन में रिकॉर्ड 211 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत कर दी, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अपने जिले से बाहर न जाना पड़े। इसके साथ ही राज्य भर में लगभग 700 मॉडल स्कूलों के निर्माण की नींव रखी गई है, और स्कूलों-कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम व डिजिटल शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार ने 2030 तक बिहार से "शिक्षा के लिए पलायन" पूरी तरह रोकने का लक्ष्य भी तय किया है। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर जोर इतने कम समय में ही सरकार ने राज्य के 75 आईटीआई संस्थानों को आधुनिक स्किल सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए बजट पास कर दिया, जहां AI, सेमीकंडक्टर और मॉडर्न सेल्स जैसे नए जमाने के कोर्स शुरू किए जाएंगे। साथ ही आईआईटी पटना परिसर में लगभग 305 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क और इनोवेशन हब स्थापित करने को भी मंजूरी दे दी गई। उद्योग और रोजगार में तेजी निवेश आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक इकाइयों को अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही करीब 1,000 एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई, ताकि राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। बुनियादी ढांचे में बड़ी योजनाएं अपने कार्यकाल के इन शुरुआती महीनों में ही सरकार ने पटना, गयाजी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया के आसपास 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना तैयार कर ली। राज्य के राजमार्गों और पुलों पर कॉमर्शियल वाहनों के लिए टोल व्यवस्था को भी संशोधित किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव स्वास्थ्य क्षेत्र में सम्राट चौधरी सरकार की सक्रियता सबसे ज्यादा नजर आई। डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट के लिए e-SushrutNX ऐप लागू करने की मंजूरी दी गई। हाल ही में PDSICON 2026 सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने खुद घोषणा की कि 1 जनवरी से IGIMS पटना जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में पेरिटोनियल डायलिसिस पूरी तरह मुफ्त होगी। जिला अस्पतालों से 'रेफर कल्चर' खत्म करने की दिशा में इतने कम समय में ही बड़ी प्रगति हुई है — अब जिला अस्पतालों में 52 प्रकार की सर्जरी हो रही हैं (पहले सिर्फ 36 प्रकार), और प्रतिदिन करीब 10,000 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इसके अलावा 17 ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों को PPP मॉडल पर चलाने की योजना बनाई गई, और दिल्ली का सर गंगा राम अस्पताल पूर्णिया में नया मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है। कृषि और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा अपने कार्यकाल के शुरुआती दौर में ही नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल के लिए 99 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित की गई। कोसी और सीमांचल क्षेत्र में नए डेयरी प्लांट और मिल्क चिलिंग यूनिट्स के लिए फंड भी जारी हुआ। पर्यटन और धार्मिक गलियारों पर तेजी से काम सीतामढ़ी के पुनौराधाम में मां सीता की 251 फीट ऊंची प्रतिमा की योजना पर काम तेज हुआ। पटना के एनआईटी और दीघा घाटों पर वाराणसी की तर्ज पर गंगा आरती व रिवर फ्रंट विस्तार की योजना भी इसी कार्यकाल में आगे बढ़ी। सामाजिक कल्याण और सुशासन के मोर्चे पर भी सक्रियता महिला सुरक्षा के लिए प्रमुख बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर पिंक पुलिस बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए गए। जीविका दीदियों के लिए कुटीर उद्योगों हेतु आसान लोन की व्यवस्था की गई। RTPS पोर्टल को तेज बनाकर जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र जल्दी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया जा रहा है। जल प्रबंधन में दूरदर्शी कदम नवादा समेत सूखाग्रस्त जिलों में गंगाजल आपूर्ति योजना का विस्तार हो रहा है, और कोसी-गंडक बेसिन में बाढ़ की पूर्व चेतावनी प्रणाली शुरू की गई है। खेल के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि इसी कार्यकाल के दौरान बिहार के राजगीर को 2030 FIH महिला हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी का प्रस्ताव स्वीकृत होने की जानकारी भी सामने आई, जो राज्य के लिए खेल क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। निष्कर्ष कुल मिलाकर देखा जाए तो मुख्यमंत्री बनने के बाद से बीते साढ़े पांच महीनों में सम्राट चौधरी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, बुनियादी ढांचे, पर्यटन, सामाजिक कल्याण और सुशासन जैसे हर क्षेत्र में तेज गति से काम किया है। इतने कम समय में इतने व्यापक स्तर पर फैसले लेना सरकार की सक्रियता को दर्शाता है। हालांकि इन योजनाओं की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन्हें आने वाले महीनों में जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।