सीएम सम्राट ने किया सम्मानित: एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतने वाले बिहार के बॉबी कुमार को बधाई

एशियन गेम्स 2026 में सेपक टाकरा की मेंस क्वाड्रेंट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बिहार का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी बॉबी कुमार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित लोक सेवक आवास में सम्मानित किया। इस दौरान खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी मौजूद रहीं।

लोक सेवक आवास के 'संकल्प' सभागार में एशियन गेम्स 2026 कांस्य पदक विजेता बॉबी कुमार को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
एशियन गेम्स 2026 में सेपक टाकरा की मेंस क्वाड्रेंट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले बिहार के बॉबी कुमार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के लोक सेवक आवास में सम्मानित किया।

पटना: बिहार के खेल जगत के लिए यह हफ्ता गर्व और खुशी से भरा रहा। जापान के आइची और नागोया में आयोजित हुए एशियन गेम्स 2026 में सेपक टाकरा की मेंस क्वाड्रेंट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाले बिहार के युवा खिलाड़ी बॉबी कुमार का राज्य सरकार की ओर से शानदार स्वागत और सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित लोक सेवक आवास के 'संकल्प' सभागार में बॉबी कुमार को अंगवस्त्र भेंट कर उनका हार्दिक अभिनंदन किया और उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।

सेपक टाकरा में भारत का गौरव बढ़ाने वाला प्रदर्शन

सेपक टाकरा एक ऐसा खेल है, जिसमें पैरों, छाती, घुटनों और सिर का इस्तेमाल कर गेंद को नेट के पार भेजा जाता है। यह खेल दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में बेहद लोकप्रिय है और इसमें थाईलैंड, मलेशिया तथा इंडोनेशिया जैसी टीमों का दबदबा पारंपरिक रूप से रहा है। ऐसे माहौल में भारतीय टीम का मेंस क्वाड्रेंट स्पर्धा में कांस्य पदक तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, और इस टीम का हिस्सा होना बॉबी कुमार के लिए और पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बन गया है।

बॉबी कुमार ने इस स्पर्धा में अपने साथी खिलाड़ियों के साथ मिलकर जिस लगन और मेहनत से प्रदर्शन किया, उसने न सिर्फ पदक दिलाया, बल्कि भारत में इस खेल को लेकर नए सिरे से रुचि भी पैदा की है। बिहार जैसे राज्य से, जहां पारंपरिक रूप से सेपक टाकरा जैसे खेलों को बहुत कम पहचान मिलती रही है, किसी खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक तक पहुंचना यह दिखाता है कि राज्य की खेल प्रतिभा अब पारंपरिक खेलों से आगे बढ़कर नए और कम-प्रचलित खेलों में भी अपनी पहचान बना रही है।

पटना एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

बॉबी कुमार जब मंगलवार को एशियन गेम्स से पदक जीतकर पटना लौटे, तो उनका स्वागत किसी हीरो की तरह किया गया। पटना एयरपोर्ट पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से विशेष तैयारी की गई थी। प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण खुद एयरपोर्ट पहुंचे और उन्होंने बॉबी कुमार को अंगवस्त्र और फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान बैंड-बाजे के साथ एयरपोर्ट परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

स्वागत समारोह यहीं नहीं रुका। बॉबी कुमार के सम्मान में एक सजी हुई खुली जीप तैयार की गई थी, जिसमें बिठाकर उनका शानदार विजय जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण तक की पूरी यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में राज्य के युवा खिलाड़ी और खेल प्रशंसक शामिल हुए और रास्ते में लगातार उनका उत्साहवर्धन करते रहे। इस मौके पर प्राधिकरण के निदेशक रविंद्र नाथ चौधरी, उप निदेशक हिमांशु सिंह, खेल अधिकारी चंदन कुमार सिंह, आनंदी कुमार, जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण, बिहार सेपक टाकरा संघ के अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, सचिव करूणेश कुमार समेत कई अन्य खिलाड़ी और अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने की सराहना, कहा - 'बिहार के साथ देश का भी बढ़ाया मान'

एयरपोर्ट के भव्य स्वागत के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी औपचारिक रूप से बॉबी कुमार का सम्मान करने का फैसला किया। लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने बॉबी कुमार को अंगवस्त्र भेंट किया और उनकी उपलब्धि को खुले दिल से सराहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बॉबी कुमार ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर बिहार के साथ-साथ पूरे देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए खिलाड़ी को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बॉबी कुमार की यह सफलता राज्य की अन्य खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, खासकर उन युवाओं के लिए जो कम प्रचलित खेलों में अपना भविष्य बनाने की सोच रखते हैं।

उन्होंने खिलाड़ी के समर्पण, कठिन परिश्रम और शानदार प्रदर्शन की विशेष रूप से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी बॉबी कुमार को सार्वजनिक रूप से शुभकामनाएं देते हुए उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।

खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी रहीं मौजूद

सम्मान समारोह के दौरान बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी मौजूद रहीं। खेल मंत्री के तौर पर उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार खेल क्षेत्र में मिलने वाली हर बड़ी उपलब्धि को गंभीरता से लेती है और खिलाड़ियों के सम्मान तथा प्रोत्साहन को प्राथमिकता देती है। श्रेयसी सिंह खुद भी एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज रही हैं, इसलिए खिलाड़ियों के संघर्ष और उनकी तैयारी को वे बेहतर ढंग से समझती हैं, जिससे इस सम्मान समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

बिहार में खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

बॉबी कुमार के इस सम्मान को सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। बिहार में लंबे समय से क्रिकेट, कबड्डी और एथलेटिक्स जैसे खेलों को प्राथमिकता मिलती रही है, जबकि सेपक टाकरा जैसे खेल अपेक्षाकृत कम चर्चा में रहते हैं। बॉबी कुमार की इस सफलता के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य में इस खेल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अधिक युवा खिलाड़ी इस दिशा में आगे आने के लिए प्रेरित होंगे।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी राज्य का खिलाड़ी किसी कम-प्रचलित खेल में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतता है, तो इससे उस खेल के प्रति स्थानीय स्तर पर दिलचस्पी बढ़ने की पूरी संभावना रहती है। बॉबी कुमार की उपलब्धि इसी तरह सेपक टाकरा को बिहार के स्कूलों और कॉलेजों में एक नए विकल्प के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है।

सरकार की खेल नीति और भविष्य की तैयारी

बिहार सरकार पिछले कुछ समय से राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने और नई खेल प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में लगातार प्रयास करती रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इससे पहले भी कई मौकों पर खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह कहा है कि राज्य सरकार खेल क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन तथा अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बॉबी कुमार जैसे खिलाड़ियों का सार्वजनिक रूप से सम्मान करना इस नीति का ही एक व्यावहारिक उदाहरण है, जिससे अन्य युवा खिलाड़ियों में भी यह भरोसा पैदा होता है कि राज्य सरकार उनकी उपलब्धियों को पहचानती और सराहती है।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

बॉबी कुमार की कहानी बिहार के उन अनगिनत युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा बन सकती है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के क्षेत्र में अपना सपना पूरा करने की कोशिश करते हैं। एक ऐसे खेल में, जो भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं है और जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, कांस्य पदक तक पहुंचना निश्चित रूप से वर्षों की कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का नतीजा है।

मुख्यमंत्री और खेल मंत्री दोनों ने इस मौके पर यही संदेश देने की कोशिश की कि राज्य के युवा खिलाड़ी चाहे किसी भी खेल को चुनें, अगर वे मेहनत और लगन से आगे बढ़ते हैं, तो राज्य सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी और उनकी उपलब्धियों को पूरे सम्मान के साथ सराहा जाएगा।

आगे की राह

अब देखने वाली बात यह होगी कि बॉबी कुमार की इस सफलता के बाद बिहार में सेपक टाकरा और इस तरह के अन्य कम-प्रचलित खेलों को लेकर किस तरह की नई पहल सामने आती हैं। क्या राज्य सरकार इस खेल के लिए प्रशिक्षण केंद्र, कोचिंग सुविधा या विशेष छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं शुरू करती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल तो बॉबी कुमार का यह सम्मान समारोह बिहार के खेल जगत के लिए एक गर्व का पल है, और उम्मीद है कि यह उपलब्धि राज्य की अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए नई मिसाल बनेगी।

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