बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के खाते में पहुंची सहारे की राशि: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने DBT से भेजे 1237.48 करोड़ रुपये, 1.8 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मिली पेंशन!
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1.8 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खाते में 1237.48 करोड़ रुपये DBT के जरिए भेजे। सितंबर 2026 की पेंशन के रूप में हर लाभार्थी को 1100 रुपये की मासिक राशि मिली।

पटना। बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत सितंबर 2026 की पेंशन राशि का वितरण किया। उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से 1237.48 करोड़ रुपये एक क्लिक में लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज दिए। राज्य के 1.8 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इस हस्तांतरण का फायदा मिला है। सरकार के मुताबिक इन सभी लाभार्थियों को सितंबर माह की पेंशन के रूप में 1100 रुपये की मासिक राशि दी गई है।
इस मौके पर राज्य सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री, विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार सामाजिक सुरक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखती है।
हर महीने तय समय पर सहारा
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना उन लोगों के लिए जीवन का सबसे बड़ा सहारा मानी जाती है, जिनके पास आय का कोई नियमित साधन नहीं होता। बुजुर्ग, विधवा महिलाएं और दिव्यांग जन जैसे वर्ग इस योजना से जुड़े हैं, जो अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इस राशि पर निर्भर रहते हैं। दवा का खर्च हो, राशन की जरूरत हो या घर की छोटी-मोटी जिम्मेदारियां, महीने की शुरुआत में खाते में पहुंचने वाली यह रकम कई परिवारों के लिए बड़ी राहत बनती है।
DBT के जरिए राशि भेजे जाने की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचता है। बीच में किसी तरह की कटौती, देरी या बिचौलिए की गुंजाइश नहीं रहती। पहले जहां पेंशन के लिए लोगों को दफ्तरों और बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि एक साथ लाखों-करोड़ों खातों में पहुंच जाती है। मुख्यमंत्री द्वारा खुद इस हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करना इस बात का संदेश भी है कि सरकार इस काम को सबसे ऊपर रखकर चल रही है।
आंकड़ों में बड़ा हस्तांतरण
1237.48 करोड़ रुपये की यह राशि अपने आप में बड़ा आंकड़ा है। 1.8 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक इसे एक साथ पहुंचाना प्रशासनिक तंत्र के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। सितंबर 2026 की पेंशन के रूप में हर लाभार्थी को 1100 रुपये मिलना उन परिवारों के लिए नियमित आय का भरोसेमंद जरिया है, जो अपनी जरूरतों के लिए इसी पर टिके रहते हैं।
सरकार का कहना है कि पेंशन का समय पर भुगतान उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। तय समय पर राशि पहुंचने से लाभार्थियों को किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े, यही इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य है।
उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव की भागीदारी ने इस आयोजन को और अहम बना दिया। मुख्यमंत्री के साथ सरकार के दो वरिष्ठ चेहरों की मौजूदगी से यह साफ संदेश गया कि पेंशन जैसे जन-कल्याणकारी मुद्दे पर पूरी सरकार एक साथ खड़ी है। राज्य के शीर्ष नेतृत्व की यह साझा उपस्थिति लाभार्थियों के बीच भी भरोसा बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
कल्याणकारी योजनाओं पर जोर
पेंशन का यह वितरण ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच और उनकी पारदर्शिता चर्चा के केंद्र में है। सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने वाले लोगों को बिना किसी बाधा के लाभ मिलता रहे, यह किसी भी सरकार की बड़ी कसौटी होती है। DBT जैसी व्यवस्था इसी कसौटी पर खरा उतरने की कोशिश है, क्योंकि इसमें पैसा सीधे हकदार तक पहुंचता है और पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी रहता है।
समाज के सबसे कमजोर तबके को आर्थिक सहारा देना केवल सरकारी योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। बुजुर्गों को सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार, विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भरता का सहारा और दिव्यांग जन को सुरक्षा का भरोसा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करने का माध्यम है।
लाभार्थियों के लिए राहत
सितंबर 2026 की पेंशन राशि खाते में आने के बाद अब लाभार्थी अपने बैंक खाते या संबंधित माध्यम से इसकी जानकारी ले सकते हैं। जिन लोगों को किसी कारण से राशि नहीं मिली है, उन्हें अपने जिला या प्रखंड स्तर के संबंधित कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी जा सकती है। सरकार की कोशिश है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सहायता से वंचित न रहे।
कुल मिलाकर 1.8 करोड़ से अधिक लोगों के खाते में हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पहुंचना बिहार में सामाजिक सुरक्षा के दायरे और उसकी व्यापकता को दिखाता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में हुआ यह हस्तांतरण उन करोड़ों घरों तक सरकार की मौजूदगी का एहसास कराता है, जहां महीने की यह छोटी-सी राशि बड़ा सहारा बनकर पहुंचती है।
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