2030 महिला हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा बिहार, सीएम सम्राट चौधरी ने जताई खुशी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में बिहार के राजगीर को 2030 FIH महिला हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी मिल सकती है। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने प्रस्ताव स्वीकृत होने की जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें।

सम्राट चौधरी फैन क्लब द्वारा बनाया गया प्रचार ग्राफिक — मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ महिला हॉकी टीम की तस्वीर  2030 महिला हॉकी वर्ल्ड कप बिहार में कराए जाने की घोषणा को लेकर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने 2030 FIH महिला हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी के लिए प्रस्ताव पेश किया था, जिसे स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है

बिहार के खेल जगत से एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य सरकार के अनुसार, 2030 FIH महिला हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी के लिए बिहार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। यह जानकारी जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के दौरान बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने साझा की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की यह पहल बिहार को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अगर यह आयोजन प्रस्ताव के अनुरूप आगे बढ़ता है, तो दुनिया की शीर्ष महिला हॉकी खिलाड़ी वर्ष 2030 में बिहार के राजगीर में खेलती नजर आएंगी।

कैसे हुई यह बड़ी घोषणा

जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के दौरान बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण खेल कूटनीतिक पहल हुई। इस मौके पर बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, राज्य के खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद और भारतीय हॉकी फेडरेशन (हॉकी इंडिया) के सेक्रेटरी जनरल भोला नाथ सिंह के बीच 2030 FIH महिला हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी को लेकर अहम चर्चा हुई। इसी चर्चा के दौरान बिहार सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राज्य सरकार खेल क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान बनाने पर विशेष जोर दे रही है, और यह घोषणा इसी दिशा में एक अहम कड़ी मानी जा रही है। गौरतलब है कि इसी दौरान भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में मेजबान जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की, जिससे भारतीय हॉकी के लिए यह समय दोहरी खुशी लेकर आया।

राजगीर: बिहार का उभरता हुआ हॉकी हब

बिहार के लिए यह कोई नई उपलब्धि नहीं है, बल्कि राज्य पिछले कुछ वर्षों से लगातार अंतरराष्ट्रीय हॉकी आयोजनों की मेजबानी करता आ रहा है। राजगीर स्थित बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी हॉकी स्टेडियम अब देश के सबसे प्रमुख हॉकी केंद्रों में गिना जाने लगा है।

2024 में महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: राजगीर ने वर्ष 2024 में बिहार वुमेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की सफल मेजबानी की थी, जिसमें भारत, जापान और चीन जैसी टीमों ने हिस्सा लिया था। इस टूर्नामेंट की सफलता ने राजगीर को अंतरराष्ट्रीय हॉकी मानचित्र पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

2025 में हीरो एशिया कप: इसके बाद अगस्त-सितंबर 2025 में राजगीर ने हीरो एशिया कप (पुरुष वर्ग) की मेजबानी की, जिसमें भारत ने खिताब जीतकर 2026 पुरुष FIH हॉकी वर्ल्ड कप (बेल्जियम-नीदरलैंड) के लिए क्वालीफाई भी किया। यह टूर्नामेंट हॉकी इंडिया और बिहार स्टेट स्पोर्ट्स अथॉरिटी के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत आयोजित हुआ था।

इन दोनों बड़े टूर्नामेंटों की सफल मेजबानी ने एशियन हॉकी फेडरेशन (AHF) और FIH का भरोसा जीता, जिसके चलते अब राजगीर को 2030 महिला हॉकी वर्ल्ड कप जैसे और भी बड़े आयोजन के लिए विचार में लाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विजन और बिहार की व्यापक खेल महत्वाकांक्षा

2030 महिला हॉकी वर्ल्ड कप बिहार की एकमात्र बड़ी खेल योजना नहीं है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई और बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश की है:

  • 2030 पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप और कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए भी बिहार ने दावा पेश किया है।
  • 2026 FIH हॉकी प्रो लीग के आयोजन का प्रस्ताव भी राज्य सरकार की ओर से रखा गया है।
  • 2028 नेशनल यूथ गेम्स, जो भारत में पहली बार आयोजित होंगे, उसकी मेजबानी के लिए भी बिहार प्रयासरत है।
  • 2034 नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए भी राज्य ने रुचि दिखाई है।

मुख्यमंत्री की खेल विकास योजना (Chief Minister's Sports Development Plan) के तहत बिहार राज्य के सभी नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं बनाने की दिशा में काम कर रहा है। पूर्णिया और सहरसा प्रमंडलों में बिहार स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से इस दिशा में काम पहले से ही जारी है।

राज्य के युवा और महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर

अगर बिहार को वाकई 2030 महिला हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी मिलती है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा राज्य की युवा और महिला हॉकी खिलाड़ियों को मिलेगा। दुनिया की शीर्ष टीमों को अपने घरेलू मैदान पर खेलते देखने और उनसे सीखने का मौका राज्य के उभरते खिलाड़ियों के लिए किसी भी घरेलू प्रतियोगिता से कहीं बड़ा अनुभव साबित होगा।

आगे की राह: अभी क्या स्पष्ट होना बाकी है

यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी तक यह जानकारी मुख्य रूप से बिहार सरकार और खेल मंत्री के बयानों पर आधारित है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) की ओर से मेजबानी को लेकर औपचारिक और अंतिम घोषणा अभी होनी बाकी है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार ने कम समय में ही खुद को भारत के एक प्रमुख हॉकी केंद्र के रूप में स्थापित किया है। अब अगर 2030 महिला हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी भी बिहार को मिलती है, तो यह राज्य के खेल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी।

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