श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में वित्तरहित शिक्षकों का भव्य सम्मान, CM सम्राट चौधरी ने किया ₹1700 करोड़ के फंड का ऐलान
टना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में वित्तरहित शिक्षकों के अभिनंदन समारोह में CM सम्राट चौधरी ने बड़े ऐलान किए। बकाए अनुदान हेतु ₹1700 करोड़ फंड, वेतनमान पर विशेष समिति गठन, 700 मॉडल स्कूल और महिला विश्वविद्यालय सहित कई शैक्षणिक योजनाओं की घोषणा की गई।
पटना के ऐतिहासिक श्रीकृष्ण मेमोरियल (SKM) हॉल में शनिवार को एक भावुक और गरिमामय माहौल देखने को मिला, जब राज्य भर से आए हजारों वित्तरहित शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों ने मिलकर एक विशाल अभिनंदन समारोह का आयोजन किया। इस समारोह का मकसद बिहार सरकार द्वारा वित्तरहित शिक्षा व्यवस्था में हाल में किए गए सुधारों और शिक्षकों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों के प्रति आभार जताना था।

कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और वरिष्ठ MLC प्रो. नवल किशोर यादव जैसे कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और डिग्री कॉलेजों से जुड़े शिक्षकों ने मल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंटकर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। पूरा परिसर शिक्षकों के उत्साह और नारों से गूंज उठा।
₹1700 करोड़ के फंड का बड़ा ऐलान
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वित्तरहित शिक्षकों के दशकों पुराने संघर्ष और राज्य निर्माण में उनके योगदान की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने बताया कि सरकार हाल ही में ₹461 करोड़ की राशि पहले ही जारी कर चुकी है, और शिक्षकों के बचे हुए बकाए तथा अनुदान के लिए करीब ₹1700 करोड़ का अतिरिक्त बजट प्रक्रियाधीन है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है और किसी भी शिक्षक का जायज हक रुकने नहीं दिया जाएगा।
वेतनमान पर बनी विशेष समिति
शिक्षकों की सबसे पुरानी और अहम मांग वेतनमान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक अब वित्तरहित व्यवस्था की जगह एक सम्मानजनक वेतन ढांचा लागू करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो शिक्षक संघों और यूनियनों के साथ लगातार बातचीत कर एक व्यावहारिक और सर्वसम्मत रूपरेखा तैयार करने में जुटी है।
मॉडल स्कूल और डिजिटल शिक्षा में तेजी
मुख्यमंत्री ने राज्य में स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे कामों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बिहार के सभी प्रखंडों में अब तक 700 मॉडल स्कूल पूरी तरह चालू हो चुके हैं, जहां 3 लाख से ज्यादा गरीब और मेधावी छात्र JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों को 24 घंटे पढ़ाई में मदद देने के लिए 'विद्यार्थी साथी ऐप' भी शुरू किया गया है, जिसके जरिए विशेषज्ञ शिक्षक डिजिटल माध्यम से बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा और महिला विश्वविद्यालय की योजना
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में फिलहाल 484 सम्बद्ध डिग्री कॉलेज सुचारू रूप से चल रहे हैं। भागलपुर में AI साइंस यूनिवर्सिटी और बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर दिनकर यूनिवर्सिटी की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा राज्य में पहली बार एक समर्पित महिला विश्वविद्यालय बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है, जिसमें कुलपति से लेकर शिक्षिकाओं और प्रशासनिक स्टाफ तक हर पद पर महिलाएं ही नियुक्त होंगी। साथ ही ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के लिए 220 एकड़ जमीन का आवंटन भी पूरा कर लिया गया है।
अतिथियों की प्रतिक्रिया
विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपने संबोधन में शिक्षकों को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि कठिन हालातों में भी उन्होंने राज्य के बच्चों को पढ़ाने का काम जारी रखा, और ₹1700 करोड़ के फंड का आश्वासन उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता लाएगा। वहीं MLC प्रो. नवल किशोर यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार ने शिक्षकों की पीड़ा को समझा है और वेतनमान से लेकर बकाया भुगतान तक हर मोर्चे पर तेजी से कदम उठाए हैं।
यह समारोह न सिर्फ शिक्षकों के प्रति सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि यह भी दिखाता है कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार ठोस फैसले ले रही है।
Nyc